जून -2018

देशान्तरखबरदार/पठानिस्तान     Posted: April 1, 2018

1-खबरदार
बलवाई मालिक-मकान को बड़ी मुश्किलों से घसीटते हुए बाहर ले आए। कपड़े झाड़कर वो उठ खड़ा हुआ और बलवाइयों से कहने लगा:
‘‘तुम मुझे मार डालो, लेकिन खबरदार जो मेरे रुपए-पैसे को हाथ लगाया।’’

2-पठानिस्तान
‘‘खो, एकदम जल्दी बोलो, तुम कौन अए?’’
‘‘मैं…..मैं….।’’
‘‘खो, शैतान का बच्चा, जल्दी बोलो-इन्दू अए या मुसलमीन?’’
‘‘मुस्लमीन।’’
‘‘खो, तुम्हारा रसूल कौन है?’’
‘‘मुहम्मद खान।’’
‘‘ठीक अए-जाव।’’
(मंटो की कहानियाँ: सियाह हाशिये: सम्पादक- नरेन्द्र मोहन से साभार)

गतिविधियाँ

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    हरियाणा साहित्य-संगम में लघुकथा पर विचार -विमर्श( सुकेश साहनी और राम कुमार आत्रेय की भागीदारी ।)
    लघुकथा अनवरत-2017 का विश्व पुस्तक मेले में अयन प्रकाशन के स्टाल पर विमोचन।

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