जून -2018

देशतर्पण     Posted: June 1, 2018

सिन्हा साहब नमस्कार, आपको एक दुखभरा समाचार देना था। आपकी बेटी चित्रा अब इस दुनिया में नहीं रही।

महोदय, सूचना के लिए आभार, आप जो भी हैं बताना चाहता हूँ कि हमारे लिए वह तीस बरस पहले ही नहीं रही थी।

जी… तो हम लोग उन्हें दफनाने के लिए लोदी रोड वाले कब्रिस्तान ले जा रहे हैं, यदि आप अंतिम दर्शन के लिए आना चाहें तो…

रुको! क्या कहा! कब्रिस्तान में दफनाने के लिए…  सुनीत तो हिंदू है ना, फिर दफनाना क्यों है?

मेरी बेटी हिंदू है उसे दफनाकर उसका तर्पण नहीं होगा।

फोन तब तक कट चुका था।

सिन्हा साहब गाड़ी की चाभी उठा जैसे खड़े थे वैसे चप्पलों में ही दौड़े और गाड़ी स्टार्ट की, अपनी इच्छा से विवाह करने की नाराज़गी के कारण तीस बरस से जिस लड़की का उन्होंने मुँह नहीं देखा था ,उसके तर्पण के लिए उन्हें जल्दी पहुँचना था।

गतिविधियाँ

  • चर्चा में

    हरियाणा साहित्य-संगम में लघुकथा पर विचार -विमर्श( सुकेश साहनी और राम कुमार आत्रेय की भागीदारी ।)
    लघुकथा अनवरत-2017 का विश्व पुस्तक मेले में अयन प्रकाशन के स्टाल पर विमोचन।

  • सम्पर्क:-

    सुकेश साहनी

    185,उत्सव,महानगर पार्ट–2
    बरेली–243122 (उ.प्र.)


    sahnisukesh@gmail.com

    रामेश्वर काम्बोज ´हिमांशु´
    chandanman2011@gmail.com

    रचनाएँ भेजने के लिए पता-:-

    laghukatha89@gmail.com

    विशेष सूचना-:-

    पूर्व अनुमति के बिना लघुकथा डॉट कॉंम की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता ।

    -सम्पादक द्वय

Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine