नवम्बर-2017

देशान्तरमिजाज़पुर्सी     Posted: November 1, 2017

चलती गाड़ी रोक ली गई। जो दूसरे मज़हब के थे, उनको निकाल-निकालकर तलवारों और गोलियों से हलाक कर दिया गया। इससे निपटकर गाड़ी के बाकी मुसाफिरों की हलवे,दूध,फलों से खातिर की गई। गाड़ी चलने से पहले खातिर करने वालों के प्रबन्धक ने मुसाफिरों को सम्बोधित करके कहा, ‘‘भाइयों और बहनों! हमें गाड़ी की आमद की इत्तिला देर में मिली। यही वजह है कि हम जिस तरह चाहते थे, उस तरह आपकी खिदमत नहीं कर सके।’’

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गतिविधियाँ

  • चर्चा में

    हरियाणा साहित्य-संगम में लघुकथा पर विचार -विमर्श( सुकेश साहनी और राम कुमार आत्रेय की भागीदारी ।)
    लघुकथा अनवरत-2017 का विश्व पुस्तक मेले में अयन प्रकाशन के स्टाल पर विमोचन।

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    सुकेश साहनी

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