जनवरी-2018

चर्चा मेंसाहित्य अकादेमी द्वारा लघुकथा पर सार्थक संगोष्ठी     Posted: April 1, 2016

15 मार्च 2016 को सांय 5.30 बजे साहित्य अकादमी के सभागार (तीसरी मंज़िल), नई दिल्ली में साहित्य 1-साहनी जी द्वारा लघुकथा-पाठअकादेमी के ‘राजभाषा मंच’ के अन्तर्गत देवेन्द्र कुमार देवेश के संचालन में एक सफल और सार्थक संगोष्ठी संपन्न हुई। इस संगोष्ठी में हिंदी के वरिष्ठ चार सशक्त लघुकथा लेखकों – सर्वश्री बलराम अग्रवाल(दिल्ली), सुकेश साहनी (बरेली- उत्तर प्रदेश), अशोक भाटिया(करनाल, हरियाणा) और मधुदीप (दिल्ली) ने खचाखच भरे सभागार में अपनी-अपनी लघुकथाओं का पाठ किया। चारों लेखकों द्वारा पढ़ी गई लघुकथाओं द्वारा अपना-अपना श्रेष्ठ 2-सभा कक्षदेने का प्रयास किया और वे सफल भी रहे। विषयों की विभिन्नता लिए अपने समय और समाज की धड़कनों को संजोये लघुकथाओं को श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ खूब सराहा और एक बात साफ़ हुई कि लघुकथा केवल पठनीय विधा नहीं है, वह कहानी की भांति सुनने की भी विधा है। कई लघुकथाओं में फैंटेंसी का प्रयोग कमाल की हद तक देखने को मिला और जो खतरा फैंटेंसी से जुड़ी रचनाओं में प्राय: देखने को मिलता है कि वे कई बार पाठक/श्रोता की समझ में नहीं आतीं और सिर के ऊपर से निकल जाती हैं, उसको 3-रामकुमार आत्रेय , काबोज ,राधेश्याम भारतीयइन लघुकथाओं ने तोड़ा। आकार में बड़ी लघुकथाओं का पाठ यह भी सिद्ध करने में सफल रहा कि जरूरी नहीं कि लघुकथा आकार में छोटी ही हो, दो-ढाई पृष्ठों की लघुकथाएँ भी अपनी रचनात्मकता में अच्छी और श्रेष्ठ लघुकथाएँ हो सकती हैं। लगभग हर लघुकथा में ‘कथा’ तत्व शामिल था और हमारी सामाजिक, राजनीतिक विसंगतियों को बखूबी इन लघुकथाओं में अभिव्यक्ति प्रदान करने का खूबसूरत प्रयास किया गया था। पढ़ी गई लघुकथाओं पर राम कुमार आत्रेय, रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’, सुभाष नीरव, राजकुमार गौतम, हरिनारायण( सम्पादक –4-नीरव जी द्वारा टिप्पण्णीकथादेश),डॉ शेरजंग गर्ग अपने अपने विचार रखे। इस आयोजन का हिस्सा दिल्ली के अलावा, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आये लघुकथा प्रेमी भी बने। हरियाणा से राम कुमार आत्रेय, रामेश्वर काम्बोज हिमांशु, राधेश्याम, बिजनौर (उत्तर प्रदेश) से डॉ नीरज सुधांशु तथा उनके पति डॉ सुधांशु, गुड़गांव से विभा रश्मि, दिल्ली से वरिष्ठ साहित्यकार शेरजंग गर्ग, कथादेश के संपादक हरिनारायण, बलराम, डॉ रूपसिंह चन्देल, अवधेश मिश्र, राजकुमार गौतम, अशोक वर्मा, नीलिमा शर्मा, शोभा रस्तोगी, डॉ 5-शेरजंग गर्ग, और हरिनाय्रायणविवेकानन्द, भूपाल सूद व श्रीमती सूद , हरनाम शर्मा आदि अनेक लघुकथा प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करके इस आयोजन को सफल मनाया। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसका साहित्य अकादेमी की वेब साइट पर लाइव प्रसारण भी हुआ। नि:संदेह साहित्य अकादेमी के इस आयोजन को लघुकथा की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानते हुए हमेशा याद रखा जाएगा।

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प्रस्तुति-सुभाष नीरव

गतिविधियाँ

  • चर्चा में

    हरियाणा साहित्य-संगम में लघुकथा पर विचार -विमर्श( सुकेश साहनी और राम कुमार आत्रेय की भागीदारी ।)
    लघुकथा अनवरत-2017 का विश्व पुस्तक मेले में अयन प्रकाशन के स्टाल पर विमोचन।

  • सम्पर्क:-

    सुकेश साहनी

    185,उत्सव,महानगर पार्ट–2
    बरेली–243122 (उ.प्र.)

    sahnisukesh@gmail.com

    रामेश्वर काम्बोज ´हिमांशु´
    rdkamboj@gmail.com

    रचनाएँ भेजने के लिए पता-:-
    laghukatha89@gmail.com

    विशेष सूचना-:-
    पूर्व अनुमति के बिना लघुकथा डॉट कॉंम की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता ।

    -सम्पादक द्वय

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