सितम्बर-2017

चर्चा मेंहरियाणा स्वर्ण जयन्ती समारोह में लघुकथा     Posted: April 1, 2017

हरियाणा स्वर्ण जयन्ती के उपलक्ष्य पर इन्द्रधनुष ऑडिटोरियम पंचकूला में हरियाणा साहित्य संगम के अन्तर्गत हरियाणा के साहित्यकारों का त्रिदिवसीय (17-03-2017 से 19-03-2107) 11--kumud-jiमहासम्मेलन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने  वर्ष 2014-15 और ,2015-16 के लिए घोषित पुरस्कारों के लिए हरियाणा के साहित्यकारों को पुरस्कृत किया।

इसी दौरान अनेक साहित्यिक सत्रों का आयोजन भी हुआ। जिनमें ‘लघुकथा की प्रभावात्मकता’ विषय पर विशेष सत्र का आयोजन हुआ। इस सत्र में मुख्य अतिथि हरियाणा साहित्य अकादमी के बाल मुकुन्द गुप्त सम्मान से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार रामकुमार आत्रेय जी रहे। मुख्य वक्ता के रूप में देश के शीर्षस्थ रचनाकार एवं लघुकथा विधा के मर्मज्ञ सुकेश साहनी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ 22-shrotaरमेश चन्द्र शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही।इस अवसर पर मेजर शक्तिराज के बालगीत -संग्रह’बालमन की किलकारी’ का विमोचन भी किया गया। मंच संचालन वरिष्ठ साहित्यकार बी.मदन मोहन ने किया।

मुख्य वक्ता के रूप में सुकेश साहनी ने लघुकथा विधा की रचना प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की,जिसमें उन्होंने लघुकथा के जन्म लेने से लेकर उसके कथ्य, लघुता, कालदोष, शीर्षक एवं अंत पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किया। इसके लिए उन्होंने लघुकथा विधा की बारीकियों को जानने वाले  खलील जिब्रान, रमेश बतरा, डॉ.अशोक भाटिया, रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’, रामकुमार आत्रेय के साथ-साथ अन्य लघुकथाकारों की लघुकथाओं के उदाहरणों  से श्रोताओं से भरे सदन को लघुकथा की ताकत का अहसास करवाया।

11-shrotaमुख्य अतिथि रामकुमार आत्रेय ने अपने वक्तव्य में हरियाणा के लघुकथाकारों की रचनाधर्मिता को केन्द्र में रखकर उनकी श्रेष्ठ रचनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि किसी रचना का प्रभाव तीन प्रकार से होता है मानसिक ,भावात्मक एवं शारीरिक। इनकी रचनाओं में यह प्रभाव देखा जा सकता है। उन्होंने हरियाणा के लघुकथाकरों की प्रसिद्ध रचनाओं का उदाहरण देकर बताना चाहा कि हरियाणा के लघुकथाकार समर्पण भाव से इस विधा के संवर्धन हेतु प्रयासरत हैं; अतः कहा जा सकता है कि हरियाणा का लघुकथा संसार समृद्ध है।  

4-shaktiraajविशिष्ट अतिथि डॉ.रमेशचन्द्र शर्मा ने लघुकथा विधा को एक सशक्त एवं जन-जन की प्रिय विधा बताया।साहित्य अकादमी की निदेशिका डॉ.कुमुद बंसल ने सभी लघुकथाकारों का धन्यवाद किया। वहीं यह कहकर लघुकथाकारों का उत्साहवर्धन किया कि भविष्य में लघुकथा विधा पर पूरे दिन का सत्र रखा जाएगा ,जिसमें इस विधा पर विशेष चर्चा होगी।

इस अवसर पर  डॉ.अशोक भाटिया, रामेश्वर काम्बोज, शील कौशिक, रतन कुमार सांभरिया, डॉ.पूर्ण सिंह, डॉ. गिरिशरण अग्रवाल, नरेन्द्र गौड,  अमृतलाल मदान, उर्मिकृष्ण, पंकज शर्मा, अनिल शूर आजाद, मधुकांत , सुदर्शन रत्नाकर, भावना सक्सेना, कमलेश चौधरी, रामकुमार भारतीय, मेजर शक्ति सिंह, जगदीश राय कुलरिया, श्याम सुन्दर दीप्ति, राधेश्याम भारतीय के साथ अन्य लघुकथाकार उपस्थित रहे।

प्रस्तुति-राधेश्याम भारतीय ,नसीब विहार कालोनी, घरौंडा करनाल 132114

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अन्य सूचना

राधेश्याम भारतीय की  लघुकथाओं का प्रसारण 03-04-2017 को प्रातः 7:40

दिनांक 29-03-2017 को आकाशवाणी रोहतक में राधेश्याम भारतीय की  लघुकथाओं की रिकार्डिंग हुई। इस अवसर पर उन्होंने अपनी प्रसिद्ध लघुकथाएँ ‘चोर’, सुख’, कीचड़ में कमल’ और कोट सुनाई। इसका प्रसारण दिनांक 03-04-2017 को प्रातः 7:40 पर किया जाएगा।

गतिविधियाँ

  • चर्चा में

    हरियाणा साहित्य-संगम में लघुकथा पर विचार -विमर्श( सुकेश साहनी और राम कुमार आत्रेय की भागीदारी ।)
    लघुकथा अनवरत-2017 का विश्व पुस्तक मेले में अयन प्रकाशन के स्टाल पर विमोचन।

  • सम्पर्क:-

    सुकेश साहनी

    185,उत्सव,महानगर पार्ट–2
    बरेली–243122 (उ.प्र.)

    sahnisukesh@gmail.com

    रामेश्वर काम्बोज ´हिमांशु´
    rdkamboj@gmail.com

    रचनाएँ भेजने के लिए पता-:-
    laghukatha89@gmail.com

    विशेष सूचना-:-
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    -सम्पादक द्वय

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