| |
|
|
|
|
|
|
जुलाई 2010 |
|
अध्ययन कक्ष |
|
|
देशान्तर |
|
|
देश |
| |
|
भाषान्तर |
| |
|
संचयन |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
मेरी पसन्द |
|
|
चर्चा में |
| |
अंधेरे में आँख : अशोक भाटिया, प्रिंटफोर्ट बुक हाउस,बी–55 नेहरू ग्राउण्ड, फरीदाबाद–121001
लघुकथा डॉट कॉम का मानवीय मूल्यों पर आधारित लघुकथांक (नवम्बर,दिसम्बर–2009) शीघ्र ही हार्ड कॉपी में उपलब्ध।
रचनाएँ आमंत्रित : रचनाएँ यूनीकोड, सुषा अथवा कृतिदेव फ़ॉण्ट में निम्न पते पर
प्रेषित करें
sahnisukesh @gmail.com
rdkamboj @gmail.com |
|
| |
जून 2010 |
|
अध्ययन कक्ष |
|
|
देशान्तर |
|
|
देश |
| |
|
भाषान्तर |
| |
|
संचयन |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
मेरी पसन्द |
|
|
चर्चा में |
| |
|
|
| |
मई 2010 |
|
अध्ययन कक्ष |
|
|
देशान्तर |
|
|
देश |
| |
|
भाषान्तर |
| |
|
संचयन |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
मेरी पसन्द |
|
|
चर्चा में |
| |
लघुकथा डॉट कॉम का मानवीय मूल्यों पर आधारित लघुकथांक (नवम्बर,दिसम्बर–2009) शीघ्र ही हार्ड कापी में उपलब्ध।
रचनाएँ आमंत्रित : रचनाएँ यूनीकोड, सुषा अथवा कृतिदेव फांट में निम्न पते पर
प्रेषित करें
sahnisukesh @gmail.com
rdkamboj @gmail.com
|
|
| |
अप्रैल 2010 |
|
अध्ययन कक्ष |
|
|
देशान्तर |
|
|
देश |
| |
|
भाषान्तर |
| |
|
संचयन |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
मेरी पसन्द |
|
|
चर्चा में |
| |
लघुकथा डॉट कॉम का मानवीय मूल्यों पर आधारित लघुकथांक (नवम्बर,दिसम्बर–2009) शीघ्र ही हार्ड कापी में उपलब्ध।
रचनाएँ आमंत्रित : रचनाएँ यूनीकोड, सुषा अथवा कृतिदेव फ़ॉण्ट में निम्न पते पर
प्रेषित करें-
sahnisukesh @gmail.com
rdkamboj @gmail.com
|
|
| |
मार्च 2010 |
|
अध्ययन कक्ष |
|
|
देशान्तर |
|
|
देश |
| |
|
भाषान्तर |
| |
|
संचयन |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
मेरी पसन्द |
|
|
चर्चा में |
| |
हिसार दूरदर्शन पर लघुकथा विमर्श :पृथ्वीराज अरोड़ा,राम कुमार आत्रेय,रूपदेव गुण, अशोक भाटिया। प्रेरक लघुकथाएं : सुशील शीलू ,एस.एस.गौतम,गौतम बुक सेन्टर, सी–263ए, ‘चदन सदन’,हरदेवपुरी, शाहदरा दिल्ली, 110093
रचनाएँ आमंत्रित : रचनाएँ यूनीकोड, सुषा अथवा कृतिदेव फ़ॉण्ट में निम्न पते पर प्रेषित करें-
sahnisukesh @gmail.com
rdkamboj @gmail.com |
|
| |
|
| |
| |
| |
नवम्बर– दिसम्बर 2009 (संयुक्तांक)
|
मानवीय मूल्यों की लघुकथाओं पर केन्द्रित |
अध्ययन कक्ष |
|
|
देशान्तर |
|
-
इवान तुर्गनेव, ओ. हेनरी, ख़लील जिब्रान, चेखव, जेम्स थर्बर, दुली, फ़्रांज काफ़्का, सोल्जेनिसित्सन, हाइ दाइकवाइन, हाए ताएछूवेन, होराशिया क्वीरोजा की लघुकथाएँ ।
|
देश |
| |
|
मेरी पसन्द |
|
|
|
अक्टूबर 2009 |
|
संचयन |
|
|
देश |
|
|
देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
भाषान्तर |
| |
|
चर्चा में |
|
|
| |
|
|
| |
सितम्बर 2009 |
|
संचयन |
|
|
देश |
|
|
देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
|
|
| |
अगस्त 2009 |
|
संचयन |
|
|
देश |
|
|
देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
- बाल मनोवैज्ञानिक लघुकथाएँ , संपादक : सुकेश साहनी,रामेश्वर काम्बोज हिमांशु , किताबघर, 24/4855,अंसारी रोड, दरियागंज,नई दिल्ली-110002,पृष्ठ : 128,मूल्य : 140/-
विशेष सूचना :- लघुकथा डॉट कॉम का नवम्बर अंक ‘मानव-मूल्यों की लघुकथाओं पर केन्द्रित होगा । लेखकगण अपनी दो-दो लघुकथाएँ ई –मेल से भेजें । ई मेल की सुविधा न होने पर डाक द्वारा –सुकेश साहनी , 193 /21 , सिविल लाइंस बरेली -243001 [ उत्तर प्रदेश ]
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
|
|
| |
जुलाई 2009 |
|
संचयन |
|
|
देश |
|
|
देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
- लघुकथा डॉट कॉम का नवम्बर 2007 का चर्चित अंक अब पुस्तकाकार
में किताबघर से प्रकाशित – बाल मनोवैज्ञानिक लघुकथाएँ, संपादक : सुकेश साहनी,रामेश्वर काम्बोज हिमांशु,किताबघर, 24/4855,अंसारी रोड, दरियागंज,
नई दिल्ली–110002,पृष्ठ : 128,मूल्य : 140/–
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
|
|
| |
जून 2009 |
|
संचयन |
|
|
देश |
|
|
देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
- लघुकथा डॉट कॉम का नवम्बर 2007 का चर्चित अंक अब पुस्तकाकार
में किताबघर से प्रकाशित – बाल मनोवैज्ञानिक लघुकथाएँ, संपादक : सुकेश साहनी,रामेश्वर काम्बोज हिमांशु,किताबघर, 24/4855,अंसारी रोड, दरियागंज,
नई दिल्ली–110002,पृष्ठ : 128,मूल्य : 140/–
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
|
|
| |
मई 2009 |
आदरणीय विष्णु प्रभाकर जी की स्मृति में |
संचयन |
|
|
देश |
|
|
| देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
|
| |
लघुकथा डॉट कॉम का नवम्बर 2007 का चर्चित अंक अब पुस्तकाकार में किताबघर से प्रकाशित बाल मनोवैज्ञानिक लघुकथाएँ, संपादक : सुकेश साहनी,रामेश्वर काम्बोज हिमांशु,
किताबघर, 24/4855,अंसारी रोड, दरियागंज,नई दिल्ली–110002
पृष्ठ : 128,मूल्य : 140/– |
| |
|
|
अप्रैल 2009 |
संचयन |
|
|
देश |
|
|
| देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
|
|
मार्च 2009 |
संचयन |
|
|
देश |
|
|
| देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
|
|
फरवरी 2009 |
संचयन |
|
|
देश |
|
|
| देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
|
|
जनवरी 2009 |
संचयन |
|
|
देश |
|
|
| देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
|
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
|
|
| दिसम्बर 2008 |
संचयन |
|
|
देश |
|
|
| देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
- 23 नवम्बर को पटना में आयोजित लघुकथा लेखक सम्मेलन में
पाठ्यक्रम में सम्मिलित लघुकथाओं पर विमर्श।
|
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
| नवम्बर 2008 |
| संचयन |
| |
|
| देश |
| |
|
| देशान्तर |
| |
|
| अध्ययन कक्ष |
| |
|
| दस्तावेज़ |
| |
|
| मेरी पसन्द |
| |
|
| चर्चा में |
| |
|
| भाषान्तर |
| |
|
| |
|
अक्टूबर 2008 |
संचयन |
|
|
देश |
|
|
देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
|
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
|
|
| |
सितम्बर -2008 |
संचयन |
|
|
देश |
|
|
देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
चर्चा में |
|
|
|
भाषान्तर |
| |
|
| |
|
|
| |
|
| |
जुलाई 2008 |
संचयन |
|
|
देश |
|
|
देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
चर्चा में |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
| |
|
|
| |
जून 2008 |
संचयन |
|
|
देश |
|
|
देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
|
चर्चा में |
|
- राजस्थान साहित्य अकादमी के विभिन्न विधाओं पर दिए जाने वाले पुरस्कारों में लघुकथा को सम्मिलित किए जाने की घोषणा।
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
| |
|
|
| |
मई 2008 |
संचयन |
|
देश |
|
|
|
देशान्तर |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
चर्चा में |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
| |
|
|
| |
अप्रैल: 2008 |
संचयन |
|
देश |
|
|
|
देशान्तर |
|
|
आलेख |
|
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
चर्चा में |
|
- कथादेश एवं कादम्बिनी द्वारा आयोजित अखिल भारतीय लघुकथा प्रतियोगिता के परिणाम
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
| |
|
|
| |
मार्च 2008 |
संचयन |
|
देश |
|
|
|
देशान्तर |
|
|
आलेख |
|
- लघुकथा और कहानी : डॉ. शमीम शर्मा
|
अध्ययन-कक्ष |
|
|
दस्तावेज़ |
|
चर्चा में |
|
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
| |
|
|
| |
फरवरी:2008 |
संचयन |
|
देश |
|
- शशांक ,मुकेश वर्मा ,हसन जमाल ,एवं पवन शर्मा की लघुकथाएँ ।
|
|
देशान्तर |
|
|
आलेख |
|
- लघुकथा की भाषिक संरचना-संस्कार :नागेन्द्र प्रसाद सिंह
|
अध्ययन-कक्ष |
|
- पृथ्वीराज अरोड़ा की लघुकथाएँ ।
|
दस्तावेज़ |
- समकालीन जीवन स्थितियों के अनु्भूति-स्पंदित क्षणों की तलाश :प्रेम शशांक ।
|
चर्चा में |
|
- सृजन – सम्मान छत्तीसगढ़ का लघुकथा पर अन्तर्राष्ट्रीय विमर्श 16-17 फ़रवरी को रायपुर में ।
|
|
मेरी पसन्द |
| |
|
| |
|
|
|
|
जनवरी:2008 |
संचयन |
|
देश |
| |
|
|
| |
|
आलेख |
| |
|
अध्ययन-कक्ष |
| |
|
दस्तावेज़ |
|
चर्चा में |
| |
|
| |
|
|
|
| नवम्बर 2007 |
देश |
| |
-
श्रीचंद्रधर शर्मा गुलेरी, यशपाल, रावी, राजेन्द्र यादव , जोगिन्दर पाल, यादवेंद्र शर्मा ‘चंद्र’, रमेश बतरा, विष्णु नागर , चित्रा मुद्गल, उर्मि कृष्ण, पूरन मुद्गल, सूर्यकांत नागर, सतीशराज पुष्करणा, बलराम, जगदीश कश्यप, भगीरथ, पृथ्वीराज अरोड़ा, डा सतीश दुबे, विक्रम सोनी, प्रबोधकुमार गोविल, कमल चोपड़ा, सुभाष नीरव, रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’, सुकेश साहनी, श्याम सुन्दर अग्रवाल, डॉ.श्यामसुंदर दीप्ति, शैलेंद्र सागर, कमलेश भटट ‘कमल’, विनायक, राजकुमार घोटड़, महेन्द्र रश्मि, कुलदीप चेतनपुरी, दीपक घोष, मीरा चन्द्रा , पारस दासोत, नासिरा शर्मा, प्रेम जनमेजय, अमरीक सिंह दीप, रामकुमार आत्रेय, रमेश गौतम, दिनेश पाठक ‘शशि’, हरीश करमचन्दाणी, डा0 राजेन्द्र कुमार कनौजिया, नीलिमा टिक्कू, निर्मला सिंह, माधव नागदा, हरिमोहन शर्मा, भारत यायावर, कुमार नरेन्द्र, अनिन्दिता, प्रेम भटनागर, देवांशु वत्स, नीता सिंह, विजय बजाज, काली चरण प्रेमी, अहमद निसार, मुकीत खान, डॉ0 तारा निगम, रंगनाथ दिवाकर, भूपिंदर सिंह, गिजु भाई, नीलम कुलश्रेष्ठ |
|
|
| |
|
आलेख |
| |
|
अध्ययन-कक्ष |
| |
|
चर्चा में |
| |
|
| |
|
| |
बालक, अभिभावक और शिक्षक के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है ।शिक्षा की कोई भी विधि -प्रविधि ,पाठ्यक्रम-पाठ्यचर्या लागू करने से पहले बच्चे को समझना होगा।कोई भी तौर-तरीका बच्चे से ऊपर नहीं है और न हो सकता है ।कोई भी व्यक्ति या संस्था इसके ऊपर नहीं है ,वरन् इसके लिए है ।यह बात सदैव ध्यान में रखनी होगी।ये लघुकथाएँ हमारी आँखें खोलने का काम करती हैं एवं शिक्षा के लिए हमारी अव्यावहारिक कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाती हैँ । |
|
| |
|
| |
| अक्टूबर 2007 |
संचयन |
| |
|
देश |
| |
|
|
| |
|
दस्तावेज़ |
| |
|
अध्ययन-कक्ष |
| |
|
चर्चा में |
| |
|
आलेख |
| |
|
|
| |
|
| |
| सितम्बर, 2007 |
संचयन |
| |
|
देश |
| |
|
|
| |
|
दस्तावेज़ |
| |
|
अध्ययन-कक्ष |
| |
|
चर्चा में |
| |
|
आलेख |
| |
|
|
| |
|
| |
|
| |
संचयन |
| |
|
देश |
| |
|
|
| |
|
दस्तावेज़ |
| |
|
अध्ययन-कक्ष |
| |
|
चर्चा में |
| |
|
|
| |
|
|
|