जून 2026

देशअनुत्तरित     Posted: August 1, 2019

गर्मी की छुट्टियों का मज़ा लेते हुए और अपनी शैतानियों में चार चाँद लगाते हुए चिंटू और चिंकी इंदौरी कुल्फी का मज़ा ले रहे थे । 

बुआ … ये खजूरी बाज़ार क्या है ? – चिंटू ने भोलेपन में पूछा ।

बुआ – अरे बेटा, यह एक जगह का नाम है । 

अरे ! ऐसा नाम…. इतना अजीब । 

हाँ,  वहाँ पर पहले बहुत सारे खजूर के पेड़ थे इसलिए…  

ओह ! तो फिर ये नवलखा का क्या मतलब…… 

चिंकी …..कितने अजीब नाम है तुम्हारे शहर की जगहों के….ही ..ही … ही ..

चिंटू तू तो रहने दे… तेरे शहर का तो नाम ही बड़ा अजीब है – वड़ोदरा … अब भला यह क्या नाम हुआ ? 

इतने में बुआ बोल पड़ी  – अरे बेटा ! नवलखा  नाम इसलिए पड़ा ; क्योंकि एक ज़माने में वहाँ पर नौ लाख पेड़ हुआ करते थे …

ओह ! ….नौ लाख …. सच में ! वाह… !!! 

और वड़ोदरा ,यानी जहाँ पर हर जगह बहुत सारे वड़ या बड़ के पेड़…. 

देखे हैं न तुम दोनों ने  बरगद के पेड़ ?  बोलो …

इतने सारे पेड़ ! हर जगह !

तो अब वो पेड़ कहाँ  गए ? ….. –  दोनों बच्चे एक साथ बोल पड़े ।

-0-

गतिविधियाँ

  • सम्पर्क:-

    सुकेश साहनी

    185,उत्सव,महानगर पार्ट–2
    बरेली–243122 (उ.प्र.)


    sahnisukesh@gmail.com

    रामेश्वर काम्बोज ´हिमांशु´

    रचनाएँ भेजने के लिए ई-मेल-:-

    laghukatha89@gmail.com

    विशेष सूचना-:-

    पूर्व अनुमति के बिना लघुकथा डॉट कॉंम की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता ।

    केवल स्वीकृत रचनाओं की ही सूचना दी जाती है।

    -सम्पादक द्वय

Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine