“कार्यक्रम में मिलकर अच्छा लगा।” उसने कहा,”ऐसे कार्यक्रम जल्दी-जल्दी होना चाहिए, ताकि हम सब मिल सकें।वैसे तो कहाँ मिलना हो पाता है ?”
किसी ने भी, किसी को भी, भूले से भी अपने घर आने का निमंत्रण नहीं दिया।
आज के घर इंटीरियर डेकोरेशन के लिए हैं, इंसानों के लिए नहीं।