जून 2026

देशआदेश     Posted: February 1, 2020

जब वह आदमी निकट चला आया, तो कुत्ते ने पूछा, ‘‘कौन हो तुम?’’

‘‘सिपाही।’’

सिपाही बोला, ‘‘मैं कुत्ते को पकड़ता हूँ और उन्हें बड़े पिंजरे में डाल देता हूँ।’’

‘‘क्यों?’’

‘‘कुत्ते भूँकते हैं। इससे जनतन्त्र के सत्ताधिकारियों की चैन में बाधा होती है। उनके सुनहरे सपनों में खलल पहुँचता है।’’

‘‘लेकिन कुत्ते तो भूँककर लोगों को चोरों से आगाह करते हैं। जगाते हैं।’’

‘‘सत्ताहीन सोचते है, लोगों को जागना नहीं चाहिए। जागा आदमी उनके लिए खतरा हो सकता है।’’

‘‘क्या वे अपने को चोर समझते हैं?’’

‘‘भूँको नहीं। ज्यादा भूँकने वाला उनकी नजर में पागल होता है। मुझे आदेश है, पागल कुत्ते को गोली मार दो।’’

और उसने आदेश का पालन किया।

गतिविधियाँ

  • सम्पर्क:-

    सुकेश साहनी

    185,उत्सव,महानगर पार्ट–2
    बरेली–243122 (उ.प्र.)


    sahnisukesh@gmail.com

    रामेश्वर काम्बोज ´हिमांशु´

    रचनाएँ भेजने के लिए ई-मेल-:-

    laghukatha89@gmail.com

    विशेष सूचना-:-

    पूर्व अनुमति के बिना लघुकथा डॉट कॉंम की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता ।

    केवल स्वीकृत रचनाओं की ही सूचना दी जाती है।

    -सम्पादक द्वय

Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine