जून 2026

देशदूसरी औरत     Posted: November 1, 2024

“हद है, आज दोनों शाम से ही गुत्थम-गुत्था हैं।”

“लेकिन हर बार की तरह थप्पड़ के जबाव में लड़की रोने -सिसकने की जगह आक्रामक हो रखी है।”

” बच्चों से हट कर कोई नया टॉपिक है क्या ?”

“हाँ, दरअसल लड़की की सहेली ने उसका दूसरा अकाउंट खुलवा दिया है।”

” ओहृ… तो यह बात है ?”

“हाँ, लड़के को रोज दारु के लिए पैसे चाहिए होते हैं। मैंने कितनी दफा उसे लड़की से पैसे छीनते हुए भी देखा है। लेकिन अब उसके पास नगद पैसे होते ही नहीं है। सैलरी सीधे अकाउंट में जाती है और तो और वह सभी पेमेंट भी ऑनलाइन ही करने लगी है” 

“वो तो ठीक है, लेकिन यह सब इतने दिनों तक पिटते रहने के बाद… अब क्यों ? “

“इसलिए कि अब उसकी उम्र ढ़लान पर है, अगर अपने सारे पैसे बच्चे और दारु पर खर्च कर देगी तब उसके हाथ क्या लगेगा ?‌ “

“क्यों ? उसे लड़के पर भरोसा क्यों नहीं है ?  दोनों बरसों से साथ रह रहे हैं, फिर आखिर बच्चा उसका भी तो है ? “

“नहीं , नहीं ना! 

रह तो बरसों … से साथ रहे हैं लेकिन बगैर शादी किए हुए, बच्चा तो पहली वाली का है। यह तो दूसरी औरत है”

“ओ… समझ गया। कुछ ‘लीव-इन- रिलेशनशिप’ जैसा मामला लगता है,  आखिर भरोसा हो भी कैसे ? उसके सारे पैसे हथियाकर ना जाने कब लात मारकर घर से निकाल दी जाए ?” 

“हाँ! आखिर दूसरी औरत ही ठहरी “

-0-सीमा वर्मा, नोएडा

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