हिन्दी लघुकथा-जगत में सुरेश शर्मा एक ऐसे लघुकथाकार थे , जिन्होंने अपनी लघुकथाओं में गुटबाजी से दूर रहकर मानवोत्थानिक लघुकथाओं के सृजन के द्वारा अपनी अलग पहचान बनाई । वे नैतिकता को महत्त्व देने वाले और निश्छ्ल व्यवहार करने वाले आदर्श पुरुष थे । उनकी लघुकथाओं में उनका यह व्यक्तित्व साफ़ नज़र आता है।उनका जाना लघुकथा –जगत् के लिए बहुत बड़ी क्षति है।बड़े साहित्यकार तो बहुत मिल जाएँगे ; लेकिन सुरेश शर्मा जैसे निर्मल मन वाले लोग दुर्लभ हैं । उन्हें मेरी विनम्र श्रद्धांजलि !
© Copyright Infirmation Goes Here. All Rights Reserved.
Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine