जून 2026

देशनेटवर्क     Posted: August 1, 2017

कई दिनों  से सोशल नेटवर्क पर न ज़्यादा लाइक्स मिल रहे थे, न कमेंट्स, हर पोस्ट औंधे मुँह गिर रही थी। सो, आज इस छुट्टी के दिन ब्रहमास्त्र चलाया स्टेटस अपडेट किया, ‘‘डाउन विद हाई फीवर’’

पहले नाश्ता, फिर किराए के इस वन रूम सेट की सफाई, कुछ कपड़ों की धुलाई उसके बाद लंच तैयार किया और फिर जमकर स्नान।

इस बीच लाइक्स और कमेंट्स की रिसीविंग टोन बार-बार बजती रही। तीर निशाने पर लग चुका था।

लंच के बाद, अपना फोन लेकर वो इत्मीनान से बिस्तर में लेट गया। …गेट वेल सून’’,…‘‘ओ बेबी ख्याल रखो अपना’’,…..‘‘अबे, क्या हो गया कमीने’’,वगैरह-वगैरह!!

एक-एक कमेंट्स को सौ-सौ बार पढ़ते, तमाम लाइक्स को बार-बार गिनते और इस बीच टीवी देखते-देखते कब झपकी आ गई, पता ही नहीं चला।

चौंककर उठा तो देखा शाम गहरा गई है, और कोई कमरे का दरवाजा खटखटा रहा है।

‘‘जी कहिए,?’’ उसने उलझन भरे स्वर में पूछा।

‘‘न-नहीं कुछ बात नहीं,’’ दरवाजे पर खड़े, उस अधेड़ उम्र के अजनबी ने संकोच भरे स्वर में कहा, ‘‘वो तुम सुबह से अपने कमरे से बाहर नहीं निकले तो सोचा कि पूछ लूँ, मैं सामने वाले वन रूम सेट में ही तो रहता हूँ।’’

-0-

गतिविधियाँ

  • सम्पर्क:-

    सुकेश साहनी

    185,उत्सव,महानगर पार्ट–2
    बरेली–243122 (उ.प्र.)


    sahnisukesh@gmail.com

    रामेश्वर काम्बोज ´हिमांशु´

    रचनाएँ भेजने के लिए ई-मेल-:-

    laghukatha89@gmail.com

    विशेष सूचना-:-

    पूर्व अनुमति के बिना लघुकथा डॉट कॉंम की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता ।

    केवल स्वीकृत रचनाओं की ही सूचना दी जाती है।

    -सम्पादक द्वय

Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine