जून 2026

देशपढ़ेगा कौन?     Posted: May 1, 2025

“क्या बात है यार दीपिका, तू बहुत खुश नज़र आ रही है।” लिटरेचर फेस्टिवल खत्म होने के बाद कार से होटल लौट रही फिल्म अभिनेत्री एवं लेखिका दीपिका की सहेली प्रमिला ने उसके चेहरे पर खुशी के भाव देखकर मुस्कुराते हुए पूछा।

“यार, खुशी की बात है, तो खुश होना तो बनता है न?” दीपिका मुस्कुराकर बोली।

“चल बता, क्या खुशी की बात है?”

“यार, जितनी मेरी बुक पब्लिशर चार-पाँच महीने में भी नहीं बेच पाया, उससे कई गुना ज्यादा तो मैं लिटरेचर फेस्टिवल में बेच चुकी हूँ।” दीपिका ने बड़े गर्व के साथ बताया।

“एक बात बोलूँ, तू बुरा तो नहीं मानेगी?” प्रमिला ने दीपिका की तरफ मुखातिब होकर पूछा।

“यार, बुरा क्यों मानूँगी, बता क्या बोलना चाहती है?”

“यार, भले ही तूने पब्लिशर से ज़्यादा बुक बेची है, लेकिन उन्हें पढ़ेगा कौन? क्योंकि लिटरेचर फेस्टिवल में आए ज़्यादातर लोगों ने तेरी बुक पढ़ने के लिए नहीं, तेरे साथ फोटो खिंचवाने के लिए खरीदी है…।”

-0-

गतिविधियाँ

  • सम्पर्क:-

    सुकेश साहनी

    185,उत्सव,महानगर पार्ट–2
    बरेली–243122 (उ.प्र.)


    sahnisukesh@gmail.com

    रामेश्वर काम्बोज ´हिमांशु´

    रचनाएँ भेजने के लिए ई-मेल-:-

    laghukatha89@gmail.com

    विशेष सूचना-:-

    पूर्व अनुमति के बिना लघुकथा डॉट कॉंम की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता ।

    केवल स्वीकृत रचनाओं की ही सूचना दी जाती है।

    -सम्पादक द्वय

Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine