पुरस्कार का अपनापन/ पारस दासोत
मौत के कुएँ में……
कलाकार, मोटर साइकिल के करतब दिखला रहा था,…
एक बच्चे ने, उसके ऊपर एक रुपये का नोट उछाल दिया। नोट, कुआँ जाल का बना होने के कारण, कुएँ से बाहर, नीचे जा पहुँचा।
कलाकार जब शो समाप्त होने पर बाहर आया, बच्चा, अपने नन्हे हाथ में एक दूसरा नोट थामें हुए बोला-“अंकल ! अंकल, आपका रुपया !”
“बसऽऽ ! बस एक रुपया!” कलाकार, बच्चे से मुस्कराते हुए बोला।
अब, बच्चे ने, अपनी जेब में रखी टॉफी निकालते हुए कहा-“अंकल, मेरे पास और पैसे नहीं हैं!”
बच्चा इससे पहले कि कलाकार कुछ बोलता, टॉफी, अपने दाँतों से तोड़कर आधी कलाकार की ओर बढ़ा रहा था।
-0-1990 अप्रेल 27 (संवत: 2047 वैशाख शुक्ल प्रतिपदा शुक्रवार)
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