जून 2026

भाषान्तरब्लॉक     Posted: April 1, 2022

गढ़वाली अनुवाद: डॉ . कविता भट्ट

            ‘‘कैकु फोन छौ?’’

 सुरेखा न रुसाड़ा बिटि पूछी।

            ‘‘पिताजी कु छौ?’’ घौरवळा अमित न बताई।

            ‘‘वु बीमार छन। इलाजौ थैं  दस हजार रुप्या माँगणा छा।’’

            ‘‘बोलि देंदि डाळा पर पैसा नि छन लगणा, जु तोडी द्योला। हम खुद अफी परेशानी माँ छौं।’’ सुरेखा न गुस्सा म बोलि।

            अमित न अगनै कुछ नि बोलि और वु चुपचाप बाथरूम म नहेण चलि गे।

            ‘‘आज मि उंकु नम्बर ब्लॉक करी देन्दौ, जां सी वु दुबरा फोन न लगै सक्वन।’’ सुरेखा गुस्सा माँ रूसाड़ा बिटि  बदबडै कि हॉल म आई  और जन्नि मुबैल उठैकि नम्बर ब्लॉक कन्न चाई, वा परेसान ह्वे ग्याई। किलैकि वा जै नम्बर ब्लॉक कन्न चांणि छै, वु नम्बर अमित का पिताजी कु नि छौं, वीं का ई पिताजी कु छौ।

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