जून 2026

देशमुनाफ़ा     Posted: January 1, 2022

धूप में खड़े ठेलेवाले से ख़रीददार ने कहा, “ तुम्हारे फलों का अभी से यह हाल है, तो रात तक क्या दुर्दशा होगी? कौन ख़रीदेगा? जो दाम मैं तुम्हें दे रहा हूँ, उससे कम में भी तुम्हें कोई ग्राहक मिलने वाला नहीं।”

“नहीं साहब…! बल्कि इससे भी ज़्यादा मिलेंगे।” उसने मिक्स जूस की फ़ेमस दुकान की ओर संकेत करते हुए कहा।

गतिविधियाँ

  • सम्पर्क:-

    सुकेश साहनी

    185,उत्सव,महानगर पार्ट–2
    बरेली–243122 (उ.प्र.)


    sahnisukesh@gmail.com

    रामेश्वर काम्बोज ´हिमांशु´

    रचनाएँ भेजने के लिए ई-मेल-:-

    laghukatha89@gmail.com

    विशेष सूचना-:-

    पूर्व अनुमति के बिना लघुकथा डॉट कॉंम की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता ।

    केवल स्वीकृत रचनाओं की ही सूचना दी जाती है।

    -सम्पादक द्वय

Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine