जून 2026

देशरुआब     Posted: June 1, 2020

कुल्लू शहर के ढालपुर मैदान के एक कोने में एक छोटे-से खोखे में चाय-पकौड़े के साथ मोमो, मैगी और ऑमलेट बनाकर बंटी अपनी आजीविका चला रहा था। उसके पास एक ही टेबल था, जिस पर चार लोगों से ज़्यादा नहीं बैठ सकते थे; चार से ज़्यादा ग्राहक बाहर खड़े रहकर भी खा लेते थे। बंटी दिन में लगभग पाँच-सात सौ रुपये कमा लेता था।

कुछ दिनों से एक इज़राइली लड़की ग्रेस बंटी के खोखे पर ब्रैड-ऑमलेट खाने के लिए आ रही थी। वह बंटी से बातें करती, मगर वह ज़्यादा कुछ समझ नहीं पाता था। इशारों से काम चलाना पड़ता था। लेकिन ग्रेस ने कुछ हिन्दी शब्दावली सीख ली थी और वार्तालाप के लिए कुछ दैनिक व्यवहार के वाक्य भी जानती थी। इस कारण बंटी को उससे बात करना सुहल हो जाता था। जहाँ बात को समझना मुश्किल हो जाता, दोनों ने गूगल का सहारा लेना भी शुरू कर दिया था।

ग्रेस टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आई हुई थी। एक दिन उसने बंटी से कहा, “मु-जे म-ना-ली ले च-लो-गे?”

“जरूर जी, कल ही चलते हैं . . .” दो-एक हफ़्तों में ही दोनों में क़रीबियाँ बढ़ गईं थीं और एक-दूसरे को पसन्द भी करने लगे थे। ग्रेस के पास पैसे ख़त्म हो रहे थे। उसने बंटी से मदद माँगी। वह उसे अपने घर पर ले गया और वहाँ एक कमरे में उसे ठहरा दिया।ग्रेस के साथ दोस्ती हो जाने पर बंटी फूला नहीं समा रहा था। एक गोरी लड़की के साथ घूमते हुए वह बड़ा गर्व महसूस करने लगा था।

एक दिन ग्रेस ने बंटी से कह दिया, “आय लव कुल्लू . . . एण्ड आय लव यू . . . आय वॉन्ट टू स्टे हीअ फ़ार-एवर . . . मैं य-ही र-ह-ना च-आ-ह-ती हूँ . . .”

बंटी कुछ क्षणों के लिए अवाक् रह गया। ग्रेस ने उसके भी मन की बात कह दी थी। मौक़ा देखकर उसने भी कह डाला, “आई लब यू, ग्रेस . . . बिल यू मैरी मी . . .”

ग्रेस ने हाँ कह दी, मगर बंटी की माँ और भाई-भाभी सब कहने लगे कि लड़की के आगे-पीछे का कुछ अता-पता नहीं . . . कौन है? कहाँ से है? क्या करती थी?

उसने ग्रेस से पूछा, “मदर आस्किंग . . . व्हाट यू . . . डूइंग इन इजराइल . . .?”

“आय वॉज़ अ प्रॉस . . .” ग्रेस ने स्पष्ट कह दिया।

बंटी उलझ गया, उसने क्या कहा – उसे समझ ही नहीं आया। उसकी माँ बिल्कुल अनपढ़ थी और भाई-भाभी भी अंडर-मैट्रिक ही थे। किसी को समझ नहीं आया।

“व्हाट?” बंटी ने ग्रेस से ही पूछा।

“आय वॉज़ अ सैक्स-वर्कर . . .”

बंटी समझ गया; लेकिन उसे विदेशी लड़की से ब्याह करने का इतना चाव था कि वह उसे खोना नहीं चाहता था। सारे गाँव में, बाज़ार में वह ग्रेस के साथ का रुआब दिखाता था।

वह अपने परिवार वालों की ओर मुड़कर बोला, “बो बहाँ जो भी करती थी, यहाँ नहीं करेगी . . .” और उसने कोर्ट जाकर ग्रेस के साथ ब्याह कर लिया।  ¡

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