विश्व पुस्तक मेला अपनी सम्पूर्ण भव्यता को समेटकर संपन्न हुआ। इस बार दिखे पाठकों के उत्साह ने सिद्ध कर दिया कि पुस्तक का कोई विकल्प नहीं है। अयन प्रकाशन द्वारा इस अवसर पर 40 पुस्तकों का प्रकाशन किया गया। स्टाल पर 23 पुस्तकों का लोकार्पण संपन्न हुआ। लेखकों और पाठकों की विशाल उपस्थिति ने अत्यधिक आह्लादित किया। अनेक ख्यातनामा लेखकों की स्टाल पर उपस्थिति हमारे लिए प्रेरक रही। श्री भूपाल सूद ने कहा-अयन प्रकाशन की महत्वाकांक्षी योजनाओं – कविता अनवरत (संपादन- चन्द्रप्रभा सूद) एवं लघुकथा अनवरत (संपादन- सुकेश साहनी, रामेश्वर काम्बोज हिमांशु) को मिली अपार सफलता से हम भाव-विभोर हैं। आप सभी मित्रों का आभार जिनकी शुभकामनाओं से अयन प्रकाशन उत्तरोत्तर प्रगति पथ पर अग्रसर है। कविता अनवरत की तरह लघुकथा अनवरत की शृंखला भविष्य में भी जारी रहेगी, ताकि नए रचनाकार लगातार इस विधा से जुड़ते रहें। 
लघुकथा अनवरत में भारत और भारत से बाहर के 64 लघुकथाकार शामिल हैं।
इस संग्रह का विमोचन 14 जनवरी कोश्री हरिनारायण जी( सम्पादक कथादेश) द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सम्पादकद्वय सुकेश साहनी और रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ के अतिरिक्त डॉ सतीशराज पुष्करणा, मधुदीप , सुभाष नीरव, नीलिमा शर्मा , कान्ता राय, चन्द्रप्रभा सूद आदि लेखक भी उपस्थित थे। सुकेश साहनी जी ने अपने संक्षिप्त वक्तव्य में इस संग्रह की उपादेयता को रेखांकित किया।
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जून 2026
चर्चा मेंलघुकथा अनवरत Posted: February 1, 2016
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