साहित्य आज तक’ 2018 में एक सत्र लघुकथा पर
‘साहित्य आजतक’ में लघुकथा की उपस्थिति निःसंदेह लघुकथा की विकास यात्रा का बहुत ही उल्लेखनीय पड़ाव है।’एक बड़ी सी लघुकथा’ विषयक सत्र में लघुकथा के शास्त्रीय पक्ष को मज़बूती से रखने के लिए मुख्य वक्ता के रूप में सुकेश साहनी को आमंत्रित किया गया। सुकेश साहनी ने सत्र के विषय के अनुरूप लघुकथा की रचना- प्रक्रिया को प्रभावी तरीक़े से दर्शकों के सम्मुख रखा। साथ ही अपनी चार सशक्त लघुकथाओं का पाठ किया, जिसे बहुत सराहा गया। सभागार तालियों से गूँजता रहा। सोशल मीडिया पर ब्लॉग लेखन से प्रसिद्ध गिरीन्द्रनाथ झा ने अपनी लघु प्रेम कथाओं का पाठ किया।
पूरा कार्यक्रम इस अंक में वीडियो के इस लिंक पर देखिए-
साहित्य आज तक