18 दिसम्बर 2016 को युवक साहित्य सदन ,सिरसा के सभागार में विराट हरियाणा प्रादेशिक लघुकथा सम्मेलन आयोजित हुआ । कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य अथिति विक्रमजीत सिंह अधिवक्ता ,अध्यक्ष
ललित जैन, विशिष्ट अतिथि मेजर शक्तिराज, पवनकुमार गुप्ता, प्रो .संजीव कालड़ा तथा विशेष अथिति कमलेश भारतीय व डॉ. शमीम शर्मा, स्वागताध्यक्ष पूरन मुदगिल थे । इस कार्यक्रम में हरियाणा के चोटी के लघुकथाकारों डॉ अशोक भाटिया, कमलेश भारतीय, प्रो. अमृतलाल मदान, डॉ. प्रद्युम्न भल्ला, रामकुमार आत्रेय, मधुकांत, डॉ. सुरेन्द्र गुप्त, डॉ. प्रदीप शर्मा ‘स्नेही’, पंकज शर्मा, कमल कपूर ,डॉ. अंजु दुआ जैमिनी, बिजेन्द्र जैमिनी, कृष्णलता यादव, नरेन्द्रकुमार गौड़, राधेश्याम भारतीय, नवल सिंह, पूरन मुदगल, डॉ राजकुमार निजात, डॉ. शमीम शर्मा व डॉ. अनीता छाबड़ा को ‘लघुकथासेवी सम्मान’ प्रदान किया गया । इस अवसर पर लघुकथा के विकास एवं संवर्द्धन के लिए हरियाणा प्रादेशिक लघुकथा मंच का गठन भी किया गया, जिसके संरक्षक पूरन मुद्गल, मुख्य संयोजक प्रो .रूप देवगुण, संयोजक डॉ.शील कौशिक को मनोनीत किया गया तथा हरियाणा के विभिन्न जनपदों के संयोजक भी नियुक्त किए गए, जो इस प्रकार हैं –कैथल से डॉ प्रधुम्न भल्ला, हिसार से रणजीत
टाडा, अम्बाला से सुरेन्द्र गुप्त, गुरुग्राम से नरेन्द्र गौड़, पानीपत से बिजेंद्र जैमिनी, फरीदाबाद से कमल कपूर व अंजु दुआ ‘जैमिनी’, रोहतक से मधुकांत, घरौंडा से राधेश्याम भारतीय, जींद से बलराज ‘स्नेही’ , टोहाना से नवलसिंह, सिरसा में रनियां से सुभाष सलूजा, डबवाली से दिलबागसिंह विर्क तथा ऐलनाबाद से बेगराज कलवसिया ‘ढुकड़ा’ । रणजीत टाडा, बलराज स्नेही, सुभाष सलूजा, दिलबागसिंह विर्क व बेगराज कलवसिया ‘ढुकड़ा को लघुकथा मंच सहयोग सम्मान से विभूषित किया गया । इस अवसर पर ‘सिरसा जनपद की लघुकथा सम्पदा’ (सम्पादक : पूरन मुदगल, प्रो .रूप देवगुण ,डॉ. शील कौशिक, संयोजक : हरीश सेठी ), ‘आंगन – आंगन हर सिंगार’ लघुकथा – संग्रह ( लघुकथाकार : कमल कपूर ), ‘रूप देवगुण की कहानियों में प्रेम का स्वरूप’( लेखक : दिलबागसिंह विर्क )तथा ‘इतनी सी बात’ लघुकथा – संग्रह (लघुकथाकार :कमलेश भारतीय ) का विधिवत लोकार्पण किया गया । इन पुस्तकों पर स्वर्णसिंह विर्क ,प्रो . रूप देवगुण व डॉ. शील कौशिक ने समीक्षा प्रस्तुत की ।
दूसरे सत्र के अध्यक्ष मंडल में अमृतलाल मदान ,रामकुमार आत्रेय, डॉ. जी . डी .चौधरी ;प्रो .आर. पी.सेठी ‘कमाल’ ,डॉ.राजकुमार निजात ,कमलेश शर्मा उपस्थित रहे । मंच संचालन प्रो .रूप देवगुण व डॉ. शील कौशिक ने किया । उपर्युक्त सभी लघुकथाकारों के अतिरिक्त स्थानीय लघुकथाकारों ने अपनी एक –एक लघुकथा का पाठ किया जिनकी समीक्षा डॉ.अशोक भाटिया , व डॉ शील कौशिक (रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ द्वारा लिखित)ने की ।
-0- प्रस्तुति- डॉ. शील कौशिक संयोजक , हरियाणा प्रादेशिक लघुकथा मंच, सिरसा