दिसम्बर -2018

देशदो रोटी का ठेका     Posted: December 1, 2016

कामवाली ने  आते ही जब एडवांस माँगा तो मैं गुस्सा हुई अरे आज तो तुम आई हो ..और ..

-दीदी दे दो न…. जरूरी है तभी बोली हूँ ,वर्ना नहीं कहती .

कैसे दे दूँ तीन सौ ..

आज ही तो तुम आई हो काम पर ।

हाँ दीदी मेरे भाभी का बेटा है चार महीने का उसके दूध के लिए चाहिए।

तो तुम क्यों परेशान हो?वह काम तुम्हारे भाई का है ।

हाँ वो तो है मगर वह नहीं करता।

तो तुमने ठेका लिखा रखा है क्या ?

नहीं दीदी !उसका ठेका तो ठेकेदार ने लिखाया था और अब ..

अब क्या ?

कुछ नहीं !

तो फिर जाओ अभी नहीं दे सकती ।

उसने फिर घिघियाकर कहा देदो दीदी। महीने में एक हजार लगता है दूध का।

तो क्या बच्चा एक हजार का दूध पी जाता है ।

हाँ दीदी ..सही बोल रही हूँ आप झूठ मत समझिए।

मैंने मन ही मन सोचा बच्चे की आड़ लेकर पैसा मांग रही । नहीं दूंगी .. भला चार महीने का बच्चा एक हजार का दूध पी जाएगा महीने में।

दूसरे दिन उसकी  माँ आई काम  पर ..सूख चुके हाथ-पैर से झाँकती हड्डियों और किसी गहरे अतल में घुसती जा रही आँखों , झुकी कमर को देख मेरा दिल ने  गवाही नहीं दी कि मैं इस बुजुर्ग और कमजोर महिला से काम कराऊँ .मैंने कहा तुम्हारी लडकी कहाँ है ?

बोली उसने मनिहारी बाज़ार में एक दूकान में काम पकड़ लिया है ।

तो, तुम काम कर पाओगी ?

हाँ कर लूँगी ..एक जगह और जाती हूँ ।

वो तो ठीक है ,लेकिन मेरे यहाँ काम अधिक है और काम अच्छा भी चाहिए . तुम्हारे शरीर में हिम्मत ही नजर नहीं आ रही तुम  कैसे करोगी  और मैं कैसे कराऊँगी ?

कर लूँगी मैडम ..आपको समझ में न आए ,तो मत कराइएगा ।

मैंने मन ही मन सोचा और अन्दर जाकर खाना बनाने वाली से कहा ..तुम्हे लगता है कर पाएगी ?

बोली बहुत गरीब है दीदी ..कर लेगी धीरे -धीरे ।

और इस तरह उसके एक हफ़्ता बीत गया।काम ठीक था ..अच्छा नहीं तो इतना बुरा भी नहीं .सोचा जरूरतमंद है बेचारी मना करूँगी तो ..इसलिए .काम चलने दिया।

एक दिन मैने उससे यूँ ही पूछा “क्या बात है ? तुम इस उम्र में काम करती हो ..माँ बेटी मिलकर अपने बेटे और बहू को खूब आराम में रखते हो।”

मजबूरी है मैडम ।

क्या मजबूरी है ? बहू को काम पर भेजो ।

नहीं जा सकती ..

क्यों ?

बच्चा पैदा होते ही उसको लकवा मार गया है ।सात महीने में ही बच्चा पैदा हो गया ..एक किलो के बच्चे को काँच की अलमारी में रखे थे ।बच्चे को दूध भी नही पिला सकती और बच्चे को दूध ऊपर का देना पड़ता है ।

मुझे वह दिन याद आ गया जब मैंने उसकी लड़की पर संदेह किया था ।

तो बेटे को भेजो काम पर ।

मैडम ..बेटा जेल में है।

क्यों ? क्या अपराध किया उसने ..चोरी-वोरी करता है क्या ?

नहीं मैडम ..ठेकेदार ट्रेन में फेरी  लगवाता था। लाइसेंस नहीं होने की वजह से पुलिस पकड़ ले गई ?

तो ठेकेदार ने छुड्वाया नहीं ?

नही ..

और तुमने  ?

हमारे पास पैसा नहीं है ।.

तो कहीं से ले-देकर उसे छुडवा लो ।

वहीं अच्छा है मैडम ..वहां दो रोटी तो मिल जाती हैं ..बाहर आकर बेकार ही रहेगा और दो रोटी का खर्च बढ़ जाएगा ..अभी तो सिर उसकी बहू और बेटा ही है ।

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