जून 2026

देशज़माने से आगे     Posted: June 1, 2024

‘‘अरे वाह! तिमंजिला बनवा लिया भाई, बढ़िया है।’’

‘‘सब सरकार की देन है।’’

‘‘समझा नहीं भाई साहब।’’

‘‘आवास का पैसा मिला है।’’

‘‘तुम्हारा तो एक मंजिला भवन बना था। फिर क्या दो मंजिला, तिमंजिला के लिए भी मिलता है, इतनी छोटी सी जगह में..’’

‘‘कभी न मिलता वो तो मेरा मकान बना था, यह पैसा तो उनके लिए है, जिनके पास बिलकुल आवास नहीं है,पर जब सब ले रहे हैं, तो मैंने भी ले लिया। हा हा….. ’

‘‘वो कैसे।‘‘

‘‘अपने दो भाइयों के नाम फार्म डलवाया, फिर सर्वे अधिकारी से मिलकर दूसरे का खाली प्लॉट दिखा दिया। सबको पैसा चाहिए, बीस-तीस हजार किसको कड़ुआता है। तुम भी फार्म डालो, तुम को भी मिलेगा।’’

 ‘‘पर जुगाड़ कैसे लगेगा?’’ 

‘‘तुम फार्म तो पहले ऑन लाइन कराओ भाई, फिर जुगाड़मेंट मैं तुमको बताऊँगा।’’ 

‘‘मैं तो सोच रहा था, मेरा एक मंजिला बना है, मुझे कभी न मिलेगा।’’ 

‘‘बुद्धू हो यार। जमाने के साथ चलना सीखो वर्ना बहुत पीछे चले जाओगे।’’

        ‘‘……………….’’

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