जून 2026

देशव्यवहार     Posted: August 1, 2016

अचानक बारिश होने लगी तो दोनों दोस्त जल्दी से सड़क के किनारे बाइक खड़ी करके एक दुकान के छज्जे के नीचे जाकर खड़े हो गए और बारिश थमने का इंतज़ार करने लगे।
दूकानदार की नज़र इन पर पड़ी तो उसने झल्लाते हुए उन्हें दूकान से हट जाने को कहा।
वे दोनों वहाँ से हटकर बाजू की दूकान में जाकर खड़े हो गए।
उस दूकानदार की नज़र जब इन पर पड़ी तो वह इनसे बोला-बाहर खड़े रहोगे तो भीग जाओगे,अंदर आ जाइये।
आजूबाजू के दूकान मालिकों की अलग-अलग सोच और व्यवहार देखकर वे हतप्रभ रह गए।

               -0-
नरेंद्र श्रीवास्तव,    पलोटन गंज ,गाडरवारा,    जिला-नरसिंहपुर (मप्र)
मोबा.9993278808, narendrashrivastav55@gmail.com

गतिविधियाँ

  • सम्पर्क:-

    सुकेश साहनी

    185,उत्सव,महानगर पार्ट–2
    बरेली–243122 (उ.प्र.)


    sahnisukesh@gmail.com

    रामेश्वर काम्बोज ´हिमांशु´

    रचनाएँ भेजने के लिए ई-मेल-:-

    laghukatha89@gmail.com

    विशेष सूचना-:-

    पूर्व अनुमति के बिना लघुकथा डॉट कॉंम की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता ।

    केवल स्वीकृत रचनाओं की ही सूचना दी जाती है।

    -सम्पादक द्वय

Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine