मेरा घर मुझसे कहता है, ‘‘मुझे मत छोड़ो क्योंकि तुम्हारा अतीत मुझसे जुड़ा है।’’
और सड़क मुझसे कहती है, ‘‘आओ मेरे साथ चलते चलो क्योंकि मैं तुम्हारा भविष्य हूँ।’’
मैं घर और सड़क दोनों से कहता हूँ, ‘‘न कोई मेरा अतीत है और न कोई भविष्य। अगर मैं यहाँ रुकता हूँ तो मेरे रुकने में जाना है, अगर मैं जाता हूँ तो मेरे जाने में रुकना निहित है। केवल जन्म और मृत्यु ही सभी चीजों को बदलते हैं।’’
-0- ( अनुवाद: सुकेश साहनी)
लघुकथा.com
जून 2026
देशान्तरज़िन्दगी Posted: February 1, 2015
© Copyright Infirmation Goes Here. All Rights Reserved.
Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine