जून 2026

चर्चा मेंचर्चा में     Posted: January 1, 2020

लघुकथा आलोचना में भगीरथ परिहार का अभिनव प्रयोग : कथाशिल्पी सुकेश साहनी की सृजन-संचेतना पुस्तक पर प्रसिद्ध साहित्यकार सुभाष नीरव की टिप्पणी-‘यह किताब पढ़ने को न मिली होती तो सुकेश भाई आपकी बहुत सारी लघुकथाओं की गहराई और उच्चता से परिचित न हो पाता। भगीरथ जी का बहुत आभारी हूं मैं।’
विश्व पुस्तक मेला,हॉल नम्बर 12 ए में बोधि प्रकाशन के स्टॉल नम्बर 94 पर उपलब्ध रहेगी।
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