जून 2026

देशान्तरदो लघुकथाएँ     Posted: October 1, 2020

बर्तोल्त ब्रेख्त

कामयाबी

महाशय ‘क’ ने रास्ते से गुजरती हुई एक अभिनेत्री को देखकर कहा, ‘‘काफी खूबसूरत है यह।’’ उनके साथी ने कहा, ‘‘इसे हाल ही में कामयाबी मिली है, क्योंकि वह खूबसूरत है।’’  ‘क’ महाशय खीझे और बोले, ‘‘वह खूबसूरत है क्योंकि उसे कामयाबी हासिल हो चुकी है।’’

महाशय ‘क’ जब किसी व्यक्ति को प्यार करते

महाशय ‘क’ से पूछा गया, ‘‘जब आप किसी आदमी को प्यार करते हैं, तब क्या करते हैं?’’

महाशय ‘क’ ने जवाब दिया: ‘‘मैं उस आदमी का एक खाका बनाता हूं और फिर इस फिक्र में रहता हूँ कि वह हू–ब–हू उसी के जैसा बने।’’

‘’कौन? वह खाका?’’

नहीं,’’ महाशय ‘क’ ने जवाब दिया: ‘‘वह आदमी।’’

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