जून 2026

देशान्तररूबरू     Posted: November 1, 2022

(अनुवाद :सुकेश साहनी)

(एक)

वे मुझसे कहते हैं, “जब तुम खुद को जान लोगे तो सारी दुनिया को समझ जाओगे।”

मैं कहता हूँ, “जब मैं दूसरों को समझ लूँगा, तभी खुद को पा सकूँगा।”

(दो)

मेरे दुश्मन ने मुझसे कहा, “दुश्मन से प्यार करो।”

मैंने उसका कहना मान लिया और खुद से प्यार करने लगा।

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